केरल

अलीमुक्कू पिरचल इलाके में बाघ की दस्तक, दो दिनों में दो बकरियों का शिकार

Kavita2
30 July 2026 3:58 PM IST
अलीमुक्कू पिरचल इलाके में बाघ की दस्तक, दो दिनों में दो बकरियों का शिकार
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अलीमुक्कू। वन विभाग ने अलीमुक्कू पिरचल इलाके में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की है। क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन बकरी के मारे जाने की घटना सामने आने के बाद वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों ने बकरी के बाड़े के पास मिले पैरों के निशानों के आधार पर इलाके में बाघ की गतिविधि की पुष्टि की है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से एक बाघ घरों के आसपास घूम रहा है और बाड़े में बंधे मवेशियों को निशाना बना रहा है। लगातार हो रही घटनाओं के कारण ग्रामीणों में डर का माहौल है और लोग शाम के बाद घरों से बाहर निकलने में सावधानी बरत रहे हैं।

दो दिनों में दो बकरियों का शिकार

जानकारी के मुताबिक, पिरचल इलाके में रहने वाली शांता की बकरियों को पिछले दो दिनों से बाघ निशाना बना रहा है। लगातार दूसरे दिन उनकी एक बकरी मृत अवस्था में मिली। इससे पहले भी बाघ ने एक बकरी को मार दिया था।

शांता पिछले 40 से अधिक वर्षों से बकरियां और भैंसें पालकर अपना जीवन चला रही हैं। लंबे समय से पशुपालन करने वाली शांता के लिए यह घटना बड़ा नुकसान है। अचानक हुए इस नुकसान से उनका परिवार परेशान है।

वन विभाग ने लगाए कैमरे

बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग और रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) ने इलाके में कैमरे लगाए हैं। अधिकारियों का उद्देश्य बाघ की आवाजाही और उसके ठिकाने का पता लगाना है।

हालांकि, कैमरे लगाए जाने के बाद अब तक बाघ की कोई स्पष्ट तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आया है। इसके बावजूद बकरी के बाड़े के पास मिले पैरों के निशानों और अन्य संकेतों के आधार पर वन विभाग ने बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की है।

इलाके में बढ़ाई गई निगरानी

बाघ की मौजूदगी की पुष्टि के बाद वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है। अधिकारियों की टीमें लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर रही हैं और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

लोगों से कहा गया है कि वे अकेले जंगल या सुनसान क्षेत्रों में जाने से बचें और अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखें। वन विभाग ग्रामीणों को बाघ की गतिविधियों के बारे में जानकारी भी दे रहा है।

एक सप्ताह पहले कुत्ते को बनाया था शिकार

ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले भी इलाके के एक घर के पास बाघ ने एक बड़े कुत्ते को अपना शिकार बनाया था। इसके बाद से ही लोगों को आसपास बाघ की मौजूदगी का संदेह था।

अब लगातार बकरियों के शिकार की घटनाओं के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बाघ आबादी वाले क्षेत्रों के करीब पहुंच रहा है, जिससे इंसानों और जानवरों दोनों के लिए खतरा बढ़ सकता है।

ग्रामीणों ने की सुरक्षा की मांग

स्थानीय लोगों ने वन विभाग से बाघ को सुरक्षित तरीके से पकड़ने या उसे आबादी वाले क्षेत्र से दूर ले जाने की मांग की है। उनका कहना है कि पशुधन का नुकसान होने के साथ-साथ अब मानव सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से रात के समय गश्त बढ़ाने और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता देने की मांग की है।

वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने को कहा

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। टीमों को क्षेत्र में तैनात किया गया है और कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बाघ को देखने की स्थिति में उसके करीब जाने या उसे परेशान करने की कोशिश न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देने को कहा गया है।

इलाके में जारी है तलाश

फिलहाल वन विभाग की टीमें बाघ की तलाश में जुटी हैं। कैमरों और गश्ती दलों की मदद से उसकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग दोनों सतर्क हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बाघ को कब तक चिन्हित कर सुरक्षित तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।

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